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गणतंत्र दिवस पर मनाया गया दोना–पत्तल उत्सव,वन संरक्षण व जंगल प्राप्त हरे पत्तों के सार्थक उपयोग की अनूठी पहल

ओमनारायण अंबिकापुर- ग्रामीण युवा जन कल्याण समिति उदयपुर सरगुजा के द्वारा 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर उदयपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत-पलका में “दोना–पत्तल उत्सव” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मानव स्वास्थ्य,प्लास्टिक से मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण एवं वनों की रक्षा के प्रति जनजागरूकता फैलाना रहा। समिति ने ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व में जंगलों से प्राप्त साल/सरई पत्तों से बने हस्तनिर्मित दोना–पत्तल को पुनः घर-घर भोजन पात्र के रूप में पहुँचाने तथा इसके महत्व को आमजन तक प्रसारित करने की विशेष पहल की।विकासखंड उदयपुर के ग्राम पंचायत पलका में समिति अध्यक्ष तपेसिया सिरदार के निवास स्थल पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दोना–पत्तल निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया,जिससे उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया गया। साथ ही विवाह, सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों में हरे पत्तों से बने दोना–पत्तल के उपयोग का सामूहिक संकल्प लिया गया।अध्यक्ष सिरदार ने साल पत्तों में भोजन करने के लाभ बताते हुए कहा कि प्राचीन काल में मिट्टी के बर्तन एवं प्राकृतिक पात्रों के उपयोग से लोग निरोग जीवन जीते थे। आधुनिक समय में कृत्रिम बर्तनों के बढ़ते प्रयोग से स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने अपील की कि हम पुनः प्रकृति से जुड़ें और अपने दैनिक जीवन में दोना–पत्तल का अधिकाधिक उपयोग करें।

कार्यक्रम का शुभारंभ पौधों को प्रकृति ईश्वर मानते हुए पूजा-अर्चना से किया गया। इसके पश्चात सभी उपस्थितजनों ने साल पत्तों से बने दोना–पत्तल के उपयोग की शपथ ली एवं प्लास्टिक मुक्त गाँव बनाने की दिशा लक्ष्य बनाकर काम करने का संकल्प लिया गया।समिति सचिव कन्हाई राम बंजारा ने प्रतिभागियों का परिचय कराते हुए भविष्य की कार्ययोजना पर प्रकाश डाला तथा अधिक से अधिक लोगों को हरे पत्तों से बने दोना–पत्तल अपनाने हेतु प्रेरित किया एवं समिति द्वारा स्थानीय ग्रामीण युवाओं महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने एवं वन आधारित वन उत्पाद से ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने का कार्य किया जा रहा है इस ओर ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ पहुँचाने के लिए प्रयासरत हैं।

इस अवसर पर अमरनाथ सिरदार ने प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से होने वाले स्वास्थ्य एवं रोजगार संबंधी लाभों पर जानकारी दी। वहीं समिति के कोषाध्यक्ष भरत लाल गुप्ता ने मानव जीवन में प्रकृति से दूरी के दुष्परिणामों पर चिंता व्यक्त करते हुए वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भोजन पात्रों के प्रभाव पर विचार साझा किए।कार्यक्रम की समाप्ति पर सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से हरे पत्तों से बने दोना–पत्तल में भोजन ग्रहण किया।इस अवसर पर समिति के सदस्य एवं महिला समूह के पदाधिकारी और ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं।कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष तपेसिया सिरदार,सचिव कन्हाई राम बंजारा,कोषाध्यक्ष भरतलाल गुप्ता,अमरनाथ सिरदार,अनिता यादव,सहोद्री सिंह पावले,श्यामकुवंर सिंह,अनिता सिरदार,गोलू सिरदार,मालती सिरदार,मानी सिरदार,रामरति,शाम बाई, मानमती,अभ्या सिंह श्याम, फूलमती,बिरहुली,जीरामनी, हुलसिया,निरासो,अनिता,ललिता,फूलवती,उस्मिता,चंपावती एवं स्थानीय ग्रामीण महिलाओं का योगदान सराहनीय रहा।

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