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इलाज के अभाव में विशेष संरक्षित जनजाति बच्ची की मौत, आरएमए के भरोसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुन्नी

डॉक्टर और स्टाफ की कमी, क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का नहीं मिल रहा लाभ

राजेश प्रसाद गुप्ता सरगुजा – जिले के लुण्ड्रा विधानसभा के कुन्नी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 6 माह के दूध मुंहे बच्ची का इलाज के अभाव भाव में मौत हो गई है। इधर अस्पताल प्रबंधन अपनी लापरवाही को छुपाने बहाने ढूंढ रहा है। अगर सही समय पर अस्पताल में डॉक्टर उपलब्ध होते और बच्ची को उपचार मिल गया होता तो शायद वह बच्ची आज जीवित होती। दरअसल पूरा मामला लखनपुर विकासखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुन्नी का है।

ग्राम लब्जी कुर्मेनपारा निवासी संत राम श्रोता मझवार की 6 माह की बच्ची अमीषा मझवार का दो दिनों से तबीयत खराब था और बच्ची दूध नहीं पी रही थी। पहुंचे वहीं क्षेत्र में निवास करने वाले विशेष संरक्षक जनजाति के माता पिता दादा अपनी बच्ची को उपचार हेतु 27 दिसंबर 2025 दिन शनिवार की सुबह 10 बजे उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुन्नी लेकर पहुंचे। जहां ड्यूटी में तनाव डॉक्टर देव कुमार साहू मौजूद नहीं थे 2 घंटे बीच जाने के बाद भी डॉक्टर अस्पताल नहीं पहुंचे और बच्ची को इलाज नहीं मिल सका। और एंबुलेंस की भी सुविधा नहीं मिली। परिजन आनंद फॉर्म में बच्ची को इलाज के लिए ग्राम कुन्नी में संचालित निजी क्लीनिक में लेकर पहुंचे जहां डॉक्टर के द्वारा उसे अंबिकापुर इलाज हेतु ले जाने की सलाह दी गई जिसके बाद परिजन पुनः सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को नहीं पहुंचे जहां एंबुलेंस के माध्यम से उपचार हेतु अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टर ने जांच उपरांत बच्ची को मृत घोषित किया। घाट के बाद से परिवार के लोग सदमे में चले गए। सूचना मिलने पर स्थानीय मीडिया कर्मी पीड़ित परिजनों के घर पहुंच मुलाकात की तो वह कुछ कहने की स्थिति में नहीं थे।उन्होंने आरोप लगाया कि सही समय पर बच्ची को इलाज नहीं मिला और डॉक्टर भी अस्पताल में मौजूद नहीं थे नसों के द्वारा बच्ची का इलाज किया गया और कई घंटे बीत जाने के बाद एंबुलेंस की सुविधा मिली शायद सही समय पर उपचार मिला होता तो आज बच्ची जिंदा होती।

“””डॉक्टर देव कुमार साहू””

इस संबंध में कुन्नी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ इकलौते डॉक्टर देव कुमार साहू ने कहा की अप्रियकारणों से उस दिन अस्पताल नहीं पहुंच सका फोन कॉल के माध्यम से इलाज हेतु स्टाफ लोगों को सहयोग किया गया और उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में एक ही डॉक्टर होने के कारण कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

सीएचसी प्रभारी RMA विनोद भार्गव कुन्नी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी विरोध भार्गव से बात करने पर उनके द्वारा कहा गया कि मैं छुट्टी पर था।इसलिए मुझे इसकी जानकारी नहीं है इस मामले को लेकर जांच कराई जाएगी। 1डॉक्टर 3स्टाफ नर्स के भरोसे सीएचसी कुन्नी विगत 2 माह पूर्व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुन्नी का उन्नयनकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया है उक्त सीएससी में एक डॉक्टर और तीन स्टाफ नर्स के भरोसे अस्पताल का संचालन किया जा रहा है। जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। लगातार यह देखने को मिल रहा है कि डॉक्टर स्टाफ और संसाधनों की कमी के कारण वहां इलाज कराने पहुंच रहे मरीजों को रेफर कर दिया जाता है।

लखनपुर बीएमओ को कराया गया था अवगत स्थानीय मीडिया कर्मियों के द्वारा इस संबंध में घटना दिनांक को ही फोन के माध्यम से सूचना मिली थी अस्पताल में डॉक्टर नहीं होने और अस्पताल में एंबुलेंस नहीं होने की जानकारी लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ डॉक्टर ओ पी प्रसाद को दी गई थी।

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